बिहार के मुख्या पर्यटक स्थल जहाँ देश -विदेश से लोग आते हैं || Tourist Place of Bihar

बिहार के मुख्या पर्यटक स्थल जहाँ देश -विदेश से लोग आते हैं || Tourist Place of Bihar 

बिहार में अनेकों पर्यटक स्थल है लेकिन सबको यहाँ लिस्ट पाना मुश्किल है इसलिए मैं आपको कुछ पर्यटक स्थल के बारें में बता रहा हैं



बिहार के बारे में

बिहार का प्राचीन नाम ’विहार’ था, जिसका मतलब मठ होता है। यह भारत के पूर्वी भाग में स्थित है। क्षेत्रफल के हिसाब से बिहार भारत का बारहवां सबसे बड़ा और आबादी के मान से तीसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। बंगाल के तिकोने क्षेत्र में पहुंचने से पहले गंगा नदी इस राज्य से बहती है जिसके कारण यह राज्य वनस्पति और जीव-जन्तुओं से समृद्ध है। बिहार का वन क्षेत्र भी विशाल है जो कि 6,764 वर्ग किमी है। यह राज्य भाषाई तौर पर प्रभावकारी है क्योंकि यहां कई भाषाएं बोली जाती हैं, जैसे भोजपुरी, मैथिली, मगही, बज्जिका और अंगिका। बिहार की राजधानी पटना है, जिसका नाम पहले पाटलीपुत्र था। भारत के कुछ महान राजाओं जैसे समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त मौर्य, विेक्रमादित्य और अशोक के शासन में बिहार शक्ति, संस्कृति और शिक्षा का केन्द्र बन गया। यहां उस समय के दो महान शिक्षा केन्द्र भी थे, विक्रमशिला और नालंदा विश्वविद्यालय। बिहार में आज भी यहां के 3,000 साल पुराने इतिहास की गवाही देते कई प्राचीन स्मारक मौजूद हैं और विश्वभर के लाखों पर्यटक इन्हें देखने आते हैं। राज्य में स्थित महाबोधि मंदिर को यूनेस्को द्वारा विरासत स्थल घोषित किया गया है।

बिहार का इतिहास

प्राचीन बिहार जिसका नाम मगध था ने, 1,000 सालों तक सत्ता, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाई। मौर्य नाम का पहला भारतीय साम्राज्य 352 ईस्वी में मगध में ही शुरु हुआ और उसकी राजधानी पाटलीपुत्र यानी आज का पटना थी। 240 ईस्वी में मगध में गुप्त साम्राज्य आया। गुप्त के नेतृत्व में भारत ने विश्व अर्थव्यवस्था पर प्रभुत्व हासिल किया। बिहार के सासाराम के महान पश्तून शासक शेर शाह सूरी ने सन् 1540 में उत्तर भारत की बागडोर संभाली। वह मुगलकाल के सबसे प्रगतिशील शासकों में से एक थे और उनके शासन में बिहार खूब फलाफूला। मुगलों के पतन के बाद बिहार बंगाल के नवाबों के नियंत्रण में आ गया।

बिहार के पर्यटक स्थल ||

गया

बिहार के मुख्या पर्यटक स्थल जहाँ देश -विदेश से लोग आते हैं || Tourist Place of Bihar
गया – गया में बौद्ध धर्म के संस्‍थापक भगवान बुद्ध को बोधज्ञान प्राप्‍त हुआ था, इसी कारण से ये शहर बिहार के सबसे प्रसिद्ध स्‍थलों में से एक है। गया, तीन तरफ से छोटी – छोटी पहाडि़यों मंगला – गौरी, श्रींगा – स्‍थान, राम – शीला और ब्रहमायोनि से घिरा हुआ है जिसके पश्चिमी ओर फाल्‍गु नदी बहती है।यहां का महाबोधि मंदिर इस शहर की शान है। पूरी दुनिया से बौद्ध भिक्षु, यहां आते है और भगवान बुद्ध की मूर्ति के दर्शन करते है और उनके चरणों के नीचे बैठकर ध्‍यान लगाते है . गया में आप इसके अलावा विष्‍णुपद मंदिर भी प्रमुख है दंतकथाओं के अनुसार भगवान विष्णु के पांव के निशान पर इस मंदिर का निर्माण कराया गया है। यहाँ का पितृपक्ष मेला तो देश और दुनिया में काफी मशहूर है . यहां फल्गु नदी के तट पर पिंडदान करने से मृत व्यक्ति को बैकुण्ठ की प्राप्ति होती है।

नालंदा

बिहार के मुख्या पर्यटक स्थल जहाँ देश -विदेश से लोग आते हैं || Tourist Place of Bihar
नालंदा – विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्‍वविद्यालय भारत ही नहीं दुनिया में एक एक गौरव था इस विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना 450 ई॰ में गुप्त शासक कुमारगुप्‍त ने की थी .नालंदा दुनिया भर में प्राचीन काल में सबसे बड़ा अध्ययन का केंद्र था दुनिया भर के छात्र यहाँ पढाई करने आते थे .चीनी यात्री हेनसांग ने नालंदा विश्वविद्यालय में बौद्ध दर्शन, धर्म और साहित्य का अध्ययन किया था। उसने दस वर्षों तक यहाँ अध्ययन किया। उसके अनुसार इस विश्वविद्यालय में प्रवेश पाना सरल नहीं था। यहाँ केवल उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र ही प्रवेश पा सकते थे। प्रवेश के लिए पहले छात्र को परीक्षा देनी होती थी। इसमें उत्तीर्ण होने पर ही प्रवेश संभव था। विश्वविद्यालय के छ: द्वार थे। प्रत्येक द्वार पर एक द्वार पण्डित होता था। प्रवेश से पहले वो छात्रों की वहीं परीक्षा लेता था। इस परीक्षा में 20 से 30 प्रतिशत छात्र ही उत्तीर्ण हो पाते थे। विश्वविद्यालय में प्रवेश के बाद भी छात्रों को कठोर परिश्रम करना पड़ता था तथा अनेक परीक्षाओं में उत्तीर्ण होना अनिवार्य था। यहाँ से स्नातक करने वाले छात्र का हर जगह सम्मान होता था। लेकिन 12वीं शती में बख़्तियार ख़िलजी ने आक्रमण करके इस विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया .

पटना 

पटना – गंगा नदी के किनारे बसा पटना बिहार का सबसे बड़ा शहर है। प्राचीन भारत में इसे पटलिपुत्र के रूप में जाना जाता है, यह शहर दुनिया के सबसे पुराने बसे शहरों में से एक माना जाता है। पटना सिख भक्तों के लिए एक प्रमुख तीर्थ है क्योंकि इनके अंतिम सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के जन्मस्थान माना जाता है। नंद, मौर्य, शुंग, गुप्ता और पाल की अवधि में इस शहर को पूरे भारत में प्रसिद्धि मिली। पटना में पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बिहार संग्रहालय , गोलघर ,बुद्ध स्मृति पार्क , हनुमान मंदिर , बड़ी पटन देवी , छोटी पटन देवी मंदिर , अगम कुआँ , कुम्हरार , क़िला हाउस , शहीद स्मारक आदि प्रमुख है

वैशाली

बिहार के मुख्या पर्यटक स्थल जहाँ देश -विदेश से लोग आते हैं || Tourist Place of Bihar
वैशाली – वैशाली में ही विश्व का सबसे पहला गणतंत्र यानि “रिपब्लिक” कायम किया गया था। वैशाली पटना से लगभग 80 km दूर है  . वैशाली जिला भगवान महावीर की जन्म स्थली होने के कारण जैन धर्म के मतावलम्बियों के लिए एक पवित्र नगरी है। वैशाली में अशोक स्‍तम्भ , बौद्ध स्‍तूप, विश्व शांति स्तूप जो की जापान के निप्पोणजी समुदाय द्वारा बनवाया गया यही सब चीज़ पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है .

राजगीर 


राजगीर – राजगीर सात पहाड़ियों से मिलकर बना है जिनके नाम इस प्रकार हैं- छठगिरि, रत्नागिरी, शैलगिरि, सोनगिरि, उदयगिरि, वैभरगिरि एवं विपुलगिरि। हर पहाड़ी पर कोई न कोई जैन, बौद्ध या हिन्दू मंदिर है। इस प्रकार राजगीर इन तीनों धर्मों का तीर्थ बन जाता है। यहाँ की साफ़ सफाई और स्वच्छता बिहार के बाकी शहरों के तुलना में काफी अच्छी है . राजगीर के प्रसिद्द पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र सोन भंडार ,मगध राजा जरासंध का अखाड़ा , गर्म जल के कुण्ड ( राजगीर के चट्टानों में कुछ ऐसे तत्व पाये जाते हैं जो इन कुंडों के गर्म होने के राज हैं ) ब्रह्म कुण्ड और मखदूम कुण्ड दो प्रसिद्द कुण्ड हैं . विश्व शांति स्तूप यहाँ गौतम बुद्ध ने सैकड़ों वर्षों पूर्व अपने अनुयायियों को सिख दी

शेर शाह सुरी मक़बरा

शेर शाह सुरी मक़बरा , सासाराम – इसे स्वयं शेरशाह सूरी ने अपने जीवन काल में 1545 ईस्वी में बनवाया था यह कब्र भारत में भारत-इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। वास्तुकला शानदार और एक कृत्रिम झील के बीच में ये मक़बरा बना है, वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना होने के कारण संयुक्त राष्ट्र ने 1998 में इस मकबरे को विश्व धरोहरों की सूची में स्थान दिया। यह मकबरा 1130 फीट लंबे और 865 फीट चौड़े तालाब के मध्य में स्थित है। तालाब के मध्य में सैंड स्टोन के चबूतरे पर अष्टकोणीय मकबरा सैंडस्टोन तथा ईंट से बना है। इसका गोलाकार स्तूप 250 फीट चौड़ा तथा 150 फीट ऊंचा है। इसकी गुंबद की ऊंचाई ताजमहल से भी दस फीट अधिक है।

केसरिया स्तूप



केसरिया स्तूप,
केसरिया (पूर्वी चंपारण) -केसरिया स्तूप भारत में सबसे बड़ा और सबसे बड़ा बुद्ध स्तूप माना जाता है, केसरिया स्तूप बिहार पर्यटन के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। माना जाता है कि राजा चक्रवर्ती के शासन के तहत 200 और 750 ईस्वी के बीच स्तूप का निर्माण किया गया था। 104 फीट की ऊँचाई के साथ, यह एक भव्य और शानदार संरचना है जिसे आप सभी को एक बार ज़रूर देखना चाहिए 

केशरिया और वैशाली में मैं पर्सनली गया हूँ यह मेरे घर से सिर्फ 10km  हैं अगर आपको कुछ जानकारी चाहिए तो कमेंट करके पूछे 

पति पत्नी जोक्स हिंदी || Pati -Patni Jokes In hindi |

पति पत्नी जोक्स हिंदी || Pati -Patni Jokes In hindi |
पति पत्नी का रिश्ता अनमोल होता हैं लेकिन पति पत्नी में हमेशा नोक झोंक होता रहा हैं । आज आपके लिए मैं 50+ पति पत्नी जोक्स लाया हूँ पढिये और अपने दोस्तों के साथ मे शेयर कीजिये। 
pati patni jokes



वर्मा जी वकील से - मुझे अपनी पत्नी से तलाक चाहिए ,वो पिछले छः महीने से बात नही कर रही हैं ।
वकील- सोच लो , ऐसी पत्नी भाग्य वाले को मिलती हैं ।

पत्नी(गुस्से से) - मैं घर छोड़ कर जा रही हूँ । 👿
पति गुस्से से - हा जान , छोड़ो अब ।
पत्नी : बस यही आपकी जान कहने की आदत मुझे रोक लेती हैं । ❤️❤️😀😀

बरसात के इस सुहाने मौसम में,
सिंगल - सपने देखते हैं ।
Couple- डेट करते हैं ।
शादीशुदा- ये कपड़े कहाँ सूखने डालूँ ?😀😀😀

डॉक्टर-आपकी पत्नी बस दो दिन की मेहमान हैं , I am Sorry .
पति - इसमे सॉरी की क्या बात है डॉक्टर साहब ये दो तीन दिन भी ऐसे तैसे कट जाएगा । 😊😊☺️

एक बार तो मैं भी चला गया बॉर्डर पर लड़ने 😁😁😁😀
फिर ये सोचकर वापस आ गया कि 👧👧👧
की जब घरवाली ही नहीं डरती तो दुश्मन क्या ख़ाक डरेंगे ।😀😀😀

निबंध लिखों
मैं पति क्यों बना (20 मार्क्स )
😀😀😀😀
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Ans.- चर्बी चढ़ी थी । ...😊😊😊☺️
(20/20 मार्क्स )


जब लड़की देखने जाओ तो उसकी आवाज रेडियो से भी कम होती है यार 😀😀
ये बाद में बुफर कहां से लग जाती है भाई ।


चुनाव लड़ रही महिला से रिपोर्टर ने पूछा : आपको चुनाव लड़ने का ख्याल कैसे आया ।
महिला: मैं जब भी अपने घर मे पति से लड़ती हूँ तो मैं जीत जाती हूँ । 😀😀😀😀

मौका किसे कहते है ।
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जब बीबी के गाल पर मच्छर बैठा हो 😀😀😀😀

छोटा सा हार्ट अटैक तब आ जाता है ।
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जब बीबी कहती है तुम्हारे बारें में कुछ पता चला हैं ।
😀😀😀😀😀😀😀😀😀

पत्नी किसमिश खा रही थी
पति बोला - जरा टेस्ट करो ,पत्नी ने एक किसमिश दे दिया ।
पति - बस एक ही
पत्नी सबका टेस्ट एक ही जैसा हैं ।
😀😀😀😀😀

बीबी को पैसे और पाकिस्तान को सबूत जितना भी दे दो कम ही लगते हैं ।
😀😀😀😀😀

पत्नी - खिचड़ी बनाऊ या पुलाव ।
पति - पहले तू बना ले फिर नाम रखेंगे 😀😀😀😀😀

चाणक्य तो रहे नहीं सोचा मैं ही बता दूं ।
पत्नियों के किसी भी काम मे पति की सलाह उतना ही फालतू है ,
जितना Tea शब्द में T और के E हैं
😀😀😀😀😀😀


एक शादी सुधा के जिंदगी में अजी सुनते हो का अर्थ होता है
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बिग बॉस चाहते है कि आप कॉन्फ्रेंस रूम में आएं ।😀😀😀😀😀

बीबी से परेशान होकर पति बालकोनी में से कूदने ही वाला था की तभी आवाज आई।
अजी सुनते हो मेरी सहेली आई है आओ पहचान करा दू ।
पति - हाँ , हाँ आया आया ।
😀😀😀😀😀


एक व्यक्ति घर मे पुराने कागजात देख रहा था .
तभी उसके हाथ मे धर्मपत्नी का आठवीं कक्षा का रिपोर्ट कार्ड आया ।
नंबरो के नीचे चरित्र प्रमाण पत्र पढ़ कर पति बेहोश है .
लिखा था ... "मधुरभाषी एवं शांतिप्रिय छात्रा "
(पति कबसे प्रिंसिपल को धुंध रहा हैं )
😀😀😀😀😀


आपको इन सभी जोक्स में से कौनसा जोक्स सबसे ज्यादा पसंद आया हमे कमेंट करके बताये और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। 



जहर खाने पर प्राथमिक उपचार || कोई जहर खा ले तो क्या करें

जहर खाने पर प्राथमिक उपचार || कोई जहर  खा ले तो क्या करें  

आज के समय सभी घरों और बाजारों में कीटनाशक और सल्फास की गोलियां आसानी से मिल जाती हैं । जहर खाकर आत्म हत्या करने वालों को संख्या लगातार दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं । ज़्यादातर लोग जो जहर खाकर आत्म हत्या का शिकार होते है उन में 16 से 30 साल के व्यक्ति होते हैं । जहर आदमी खाने के लिए खा तो लेता हैं लेकिन खाने के बाद उसको जरूर यह अहसास होता हैँ की उसने गलती कर दी है । उस समय उसको अपने परिवार की याद आती है लेकिन उस समय चाह कर भी कुछ नही वह कर सकता है । कुछ लोग प्यार मोहब्बत तो कुछ लोग घर के आर्थिक परेशानियों के कारण जहर (poison) खाकर आत्महत्या कर लेते है । भारतीय संविधान के अनुसार भी जहर खाकर या किसी भी तरह आत्म हत्या करना माना किया गया हैं । अगर कोई जहर खा लेता हैं और आस पास में अच्छी हॉस्पिटल की अभाव है तो हमें उस समय कुछ प्राथमिक उपचार करना चाहिए जिस से उसकी जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है । बाजार में जो आसानी से उपलब्ध है वह है कीटनाशक और सल्फास की गोलियां तो चलिए आज मैं आपको बताता हूँ कि कीटनाशक और सल्फास खाने के बाद किस तरह के लक्ष्ण होते है।
jahar khane pr prathmik upchar
सूचि 
  1. जहर खाने के बाद का लक्षण 
  2. जहर खाने के बाद प्राथमिक उपचार 
  3. जहर खाने वाला मरीज बेहोस हो जाये तब क्या करे 
  4. सावधानी 
  5. निष्कर्ष 

कीटनाशक खाने के बाद का लक्षण कीटनाशक खाने के बाद मरीजों में इसतरह के लक्षण देखने को मिलता हैं : 



  • मरीज के पेट मे जबरदस्त ऐठन होती है और उल्टियां होना शुरू हो जाती है । 
  • कीटनाशक या सल्फास खाने 30 से 60 मिनट के बाद मरीज के पेट, गले में मे , गलें में जबरदस्त जलन होती है । कीटनाशक खाने के बाद मरीज के सिर भारीपन और चक्कर आने लगता हैं ।
  •  मरीज को बहुत जल्दी जल्दी प्यास लगती है और मुहँ से लार टपकने लगती हैं ।
  •  रोगी को बार-बार दस्त लगती है जिसमे खून के साथ-साथ मवाद भी निकलती हैं ।
  •  ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है जिस से वे बार-बार बेहोश हो जाते हैं ।
  •  कीटनाशक खाने वाले व्यक्ति के आंख के अंधापन, पैर और हाथ मे लकवा तथा पैरों के निचले हिस्से में दर्द और शरीर का निचला हिस्सा ठंडा पड़ने लगता हैं । कीटनाशक खाने के बाद मरीज के मुँह से झाग ,खून आने लगती है तथा उसकी आवाज भी चली जाती है । 
  •  यदि व्यक्ति में आत्महत्या के लिए जहर का सेवन नहीं किया हो अगर हवा के माध्यम से शरीर मे जहर चला गया हो तो जहर शरीर मे उपस्थित हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर लाल रक्त कणिकाओं को नुकसान पहुँचाती है जिसमे लाल रंग का मूत्र निकलने लगता हैं जिसके बाद मरीज को पीलिया और अनीमिया हो जाता हैं । 


 उपरोक्त लक्षण दिखते ही मरीज को जल्द से जल्द किसी अच्छे हॉस्पिटल में ले जाए नहीं तो उसकी मृत्यु होने निश्चित हो जाती हैं । अगर जहर खाने के बाद डॉक्टर के पास ले जाने में देरी हो तो ऐसी स्थिति में कुछ प्राथमिक चिकित्सा करना चाहिए ।

 जहर खाने के बाद कुछ प्राथमिक उपचार ।


  •  कोई व्यक्ति अगर जहर खा ले तो उस से ज्यादा से ज्यादा उल्टियां करवाना चाहिए । उल्टियां करवाने के लिए मुँह दो उंगलियां डाल कर करवा सकते हैं । 
  •  उल्टी करवाने के लिए एक गलास पानी मे दो चम्मच नमक डाल कर पिला सकते हैं ।
  •  जिस व्यक्ति ने जहर खाया हो उसे एक ग्लास पानी मे एक कोयला का छोटा सा टुकड़ा पीसकर पिला देना चाहिए जिस से उल्टियां अच्छी तरह हो जाती हैं ।
  •  ऐसे मरीज को अच्छी तरह फेटें हुए अंडे और आटा का सेवन कराए ।
  •  मरीज को तब तक उल्टियां करवाते रहना चाहिए जब तक कि साफ उल्टी न होने लगें ।


 जहर खाने के बाद कुछ मरीज बेहोस हो जाते है ऐसे मरीजों के साथ निम्न प्राथमिक उपचार करना चाहिए ।


  •  जो मरीज बेहोस हो जाये उसके लिए प्राथमिक उपचार मरीज को उल्टियां न करवाएं ।
  •  मरीज की सांस देखते रहे अगर मरीज की सांस लेना बंद करें तब आप मुहँ से द्वारा कृत्रिम सांस दे लेकिन कृत्रिम सांस देते बक्त अपना भी ख्याल रखे क्योंकि सांस के द्वारा जहर आपके शरीर मे भी जा सकता हैं ।


 सावधानी 


  •  अगर किसी व्यक्ति ने मिट्टी का तेल या पेट्रोल जैसी चीजों को निगल ली हो तो ऐसे मरीज को बिल्कुल भी उल्टियां न करवाये । 
  • ऐसे मरीज को ठंड लग सकती तो मरीज को कम्बल ओढ़ाए लेकिन ध्यान रहे मरीज का शरीर ज्यादा गर्म भी न करें । तुरत किसी डॉक्टर के पास लेकर जाएं । 
  •  आज के युग मे तरल पदार्थ बाजार में आसानी से उपलब्ध है इसलिए इन चींजों की खरीदारी करने के लिए वयस्क को ही भेजे बच्चों को नहीं । सल्फास जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक जहर माना जाता हैं जिसे खाने के बाद मृत्यु तय जिसका उपयोग अनाज को घुन से बचाने के लिए किया जाता हैं।

 निष्कर्ष 


 देखिए अंत मे मैं आप लोगों से यही कहना चाहूंगा कि यह जिंदगी बहुत अनमोल है इसे ऐसे खराब न करें । ईश्वर ने यह जिंदगी हमें इसलिए दी है कि हम इस खूबसूरत दुनिया के मज़े ले और ईश्वर की पूजा आराधना करें । अगर आपको किसी बात की समस्या है तो लोगो से अपने समस्या का हल पूछे आपके समस्या का हल किसी न किसी के पास जरूर होगा । अगर आप किसी को बताना नही चाहते तो उसे एक डायरी में लिख ले आपने आधा टेंशन वहीं खत्म हो जाएगा । हमारे जिंदगी में सुख दुख आते रहते हैं आपने कभी झूला को देखा है वह जितना पीछा जाता है उतना ही आगे की तरफ भी जाता है इसलिए अगर आपके जिंदगी का झूला पीछा जा रहा है तो डरें नहीं धैर्य रखें । आत्महत्या समस्या का हल नहीं है जबकि इस से और समस्या उत्पन होती है कई लोग आपसे उमीद लगाए बैठे होते है जिसका आपको पता नहीं होता हैं उन सबकी उमीदें टूट जाती है आपकी समस्या के समाधान के किये हम हमेशा उपलब्ध हैं अपना विचार हमे कमेंट में लिखें । पोस्ट अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ इसे जरूर शेयर करें।

भारतीय डाक विभाग भर्ती 2019 |पोस्ट को कुल संख्या : 10,066 |india post gds recruitment |

India Post Gds Recruitment 2019 | भारतीय डाक विभाग भर्ती 2019 |

नमस्कार दोस्तों , स्वागत है आप सबका hindibodh.com पर स्वागत करता हूँ ।  भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक के लिए वेकैंसी निकाली हैं । आज इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की India Post GDS Recruitment 2019 के लिए कैसे अप्लाई करना है । कौन कौन इस पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते है ।


भारतीय डाक बिभाग भर्ती 2019 | India Post GDS Recruitment 2019

भारतीय डाक सेवक में हर साल वेकैंसी निकाली जाती हैं ।इस साल भी 10,000 पोस्ट के लिए वेकैंसी आई हैं ।
india post vacncy

भारतीय डाक बिभाग भर्ती 2019 के लिए पात्रता


शैक्षिणिक योग्यता :


  • 10वीं पास
  • आवेदक शुल्क :
  • GEN/OBC - के लिए : 100/- रुपया
  • SC/ST/PH/Female- के लिए : कोई शुल्क नहीं

(आवेदक अपना आवेदक शुल्क हेड पोस्ट आफिस या ऑनलाइन जमा कर सकते हैं )

महत्वपूर्ण तारीख :


  • आवेदक शुरुआत का समय : 05 अगस्त 2019
  • आवेदक की अंतिम तिथि: 04 सितंबर 2019
  • आवेदक शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि : 04 सितंबर 2019


कार्य स्थान :


  • बिहार , असम,गुजरात ,कर्नाटक,केरल और पंजाब


आयु सीमा :


  • (05 अगस्त 2019 तक )
  • कम-से-कम : 18 साल
  • अत्यधिक : 40 साल
  • आयु छूट : OBC के लिए - 43 साल तक , SC/ST- 45 साल तक


पोस्ट को कुल संख्या : 10,066


भुगतान पैमाना :


  • Branch Post Master (BPM) - Rs.12,000/- महीना
  • Assistant Branch Post Master (ABPM)- Rs.10,000/- महीना


शैक्षिणिक योग्यता :


  • आवेदक को न्यूनतम 10वीं पास होना चाहिए ।
  • आवेदक को कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान होना जरूरी है ।


ऑनलाइन आवेदक करते समय जरूरी कागजात


  • 10वीं कक्षा की मार्कशीट ।
  • फ़ोटो  ।
  • जाति प्रमाण पत्र ।
  • सिग्नेचर
  • Certificate of Disablity

*आवेदक को आवेदक करने से पहले आधिकारिक सूचना को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए ।


  • सिलेक्शन प्रक्रिया - आवेदक को भर्ती मेरिट लॉस्ट के आधार पर की जाएगी ।



ज़ोन के अनुसार पोस्ट :


  • असम में - 919 पोस्ट
  • बिहार में - 1063 पोस्ट
  • गुजरात मे - 2510 पोस्ट
  • कर्नाटक में-2637 पोस्ट
  • केरल - 2086 पोस्ट
  • पंजाब में -851 पोस्ट


इंडिया पोस्ट ग्रामीण डाक सेवक के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए   यहाँ  क्लिक करें ।

केंद्र शाषित प्रदेश क्या होते हैं ? यह और राज्यों से कैसे अलग होता है ? || Kendra Shashit Pradesh ||

केंद्र शाषित प्रदेश क्या होते हैं ? यह और राज्यों से कैसे अलग होता है ? || Kendra Shashit Pradesh ||  What is Union Territory in Hindi ?

हाल ही में धारा 370 हटाई गई हैं तथा लदाख को नया केन्द्र शाषित प्रदेश बनाया गया है । ऐसे लोगो के मन मे यह सवाल उठ रहा है कि की आखिर केन्द्रशाषित प्रदेश क्या होता है और यह अन्य राज्य से क्यों भिन्न होता है आज इस पोस्ट के माध्यम से हम इसी विषय पर चर्चा करने वाले हैं । 
indian flag

केंद्र शाषित प्रदेश क्या होता है ?

ऐसे राज्य जो आकर में काफी छोटे होते है इतना छोटे की चुनाव का खर्चा तक नहीं उठा सकते हैं । उन राज्यों का शासन सीधे तौर पर से केंद्र सरकार करती हैं । ऐसे राज्य को हम केंद्र शाषित प्रदेश का दर्जा देते है। भारत मे पहले 7 केन्द्रशाषित प्रदेश थे लेकिन वर्तमान समय मे भारत के 9 केंद्र शाषित प्रदेश हैं ।


भारत के केंद्र शाषित प्रदेशो के नाम 


  1. अंडमान और निकोबार डीप समूह 
  2. चंडीगढ़
  3. दादर और नागर हवेली 
  4. दमन और दीव
  5. लक्ष्यदीप
  6. पंडुचेरी
  7. दिल्ली
  8. जम्मू-कश्मीर
  9. लद्दाख


इनमे से 3 ऐसे केंद्र शाषित प्रदेश है जिनका अपना विधान सभा हैं और वहाँ के लोग चुनाव के द्वारा अपने मुख्यमंत्री का चुनाव कर सकते हैं लेकिन वहां के के केंद्र शाषित प्रदेशो की शक्तियां सीमित होती हैं । 

  • दिल्ली 
  • पांडुचेरी 
  • जम्मू-कश्मीर 

नोट:- दिल्ली एक केंद्र शाषित प्रदेश है और राष्ट्रीय राजधानी भी लेकिन एक पूर्ण राज्य नहीं हैं।


इन सभी केंद्र शाषित प्रदेशों के गठन कब हुआ ।



  • दिल्ली का गठन- 1 नवम्बर 1966 
  • पुडुचेरी का गठन - 1 नवम्बर 1956 
  • चंडीगढ़ का गठन-1 नवम्बर 1966
  • अंडमान और निकोबार दीप समूह -1 नवम्बर 1956
  • दादर और नागर हवेली - 11 अगस्त 1961
  • दमन और दीव-30 मई 1987
  • लक्ष्यदीप- 1 नवम्बर 1956
  • जम्मू-कश्मीर - 5 अगस्त 2019
  • लद्दाख - 05 अगस्त 2019


  • इन सभी केंद्र शाषित प्रदेशों के राजधानियों के नाम ।



  • अंडमान निकोबार  - पोर्ट ब्लेयर
  • चंडीगढ़- चंडीगढ़
  • दादर और नागर हवेली - सिलवासा/सिलवास
  • दमन और दीव-दमन
  • दिल्ली - नई दिल्ली
  • लक्ष्यदीप - कवर्ती/kawarti
  • पंडुचेरी-पुडुचेरी 
  • जम्मू -कश्मीर - श्रीनगर
  • लदाख -




15 august name art || अगस्त के लिए अपने नाम की DP डाउनलोड कीजिये

15 august name art || अगस्त के लिए अपने नाम की DP डाउनलोड कीजिये 

भाइयो आप लोगो के लिए मैंने दिन रात एक करके एडिट किया हैं ये नाम कृपया अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और कोई कॉपी करके अपने वेबसाइट पर न डाले 
जिसका नाम इसमें नहीं  वह कमेंट करो आपको एक घंटा में इस तरह का DP मिल जायेगा |
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