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Breast cancer :

 

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अमरीकी पत्रिका द्वारा एक सर्वे में पाया गया है की आज 50 साल से ऊपर की महिलाओं मे हर 3 में से 1 महिला Breast cancer की शिकार होती जा रही है । इससे भी बड़ी चिंता की बात है की इसमे से आधे से अधिक को तो पता भी नहीं होता है कि कब उनको ये बीमारी लग गयी या यूं कहे कि जब तक पता लगता है तब तक ये इतना बड़ा रूप ले चुकी होती है कि मरीज को बचाया तक नहीं जा सकता है । आइये हम इसके बारे में थोड़ी सी जानकारी लें और लोगों तक पहुंचाएं जिससे हम लोगों के बीच एक awareness ला सकें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को समय रहते बचा सकें । याद रहे कैंसर का कोई सटीक इलाज अभी तक नहीं बनाया गया है लेकिन समय रहते अगर इसका इलाज किया जाए तो मरीज को बचाया जा सकता है ।

What is breast cancer :

Breast Cancer  कैंसर का एक प्रकार है जो स्तन कोशिकाओं से उत्पन्न होता है । एक tumor अथवा गांढ  के रूप में उत्पन्न होकर ये पूरे शरीर मे फैल जाता है । स्तन मे उत्पन्न हुए tumours दो प्रकार के होते हैं ।

Benign Tumors:

इस प्रकार के tumors फैलने वाले नहीं होते हैं । आम तौर पर doctors इसे ऐसे ही छोड़ देते हैं या remove कर देते हैं । इस तरह के tumors अपने आस पास की कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुँचते हैं और आक्रामक नहीं होते हैं । ज्यादा बड़ा हो जाने की वजह से ये ज्यादा दर्द और नुकसान पहुंचा सकते हैं ।

इसे Non-invasive breast cancer या Lobular carcinoma भी कहा जा सकता है । कभी कभी इसे “pre-cancerous” भी कहा जाता है क्योंकि बाद में ये आक्रामक रूप ले सकता है और शरीर के दूसरे भागों तक पहुँच सकता है ।

Malignant Tumors:

इस प्रकार के tumors आक्रामक होते हैं और अपने आस पास के कोशिकाओं का नुकसान करते हुए तेजी से बढ़ते हैं । इसके आक्रामकता का परीक्षण करने के लिए doctors biopsy या दूसरे test करते हैं और फिर ट्रीटमंट करते हैं । इसे Invasive breast cancer या Ductal carcinoma भी कहते हैं । इस तरह के tumors cell ducts के जरिये शरीर के दूसरे भागों तक बड़ी तेजी से फैल जाते हैं । शरीर के अन्य अंगों तक पहुँचने के पश्चात इसे Metastatic cancer कहते हैं ।

Tumor grades :

Breast Cancer  के tumors को भी उनके प्रकार से विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है । Tumor आम तौर से 3 प्रकार के होते हैं ।

  • Low grade (1) – Well-diffentiated
  • Intermediate grade (2) – Moderately differentiated
  • High grade (3) – Poorly differentiated

 

Tumor grade और cancer स्टेज अलग अलग चीजें हैं और इन्हे एक नहीं समझा जाना चाहिए। Tumor ग्रेड से doctors treatment प्लान तैयार करतें हैं । इससे ये भी पता चलता है की patient पूरी तरह से ठीक हो सकता है की नहीं ।  Low grade tumors के recover होने के ज्यादा chances होते हैं जबकि high grade या grade 3 के recover होने के कम chances होते हैं । ऐसे बहुत सारे patient हैं जो ग्रेड 3 से भी पूरी तरह से रिकवर हो चूकें हैं ।

Cancer के बारे में यही कहा जाता है कि इसका कोई सटीक इलाज नहीं है लेकिन अगर इसे early stage मे detect कर लिया जाए तो इसे काफी हद तक रोका जा सकता है । इसलिए हमे इसके symptoms के बारे मे जानना भी चाहिए और लोगों को बता भी चाहिए ।

आइये जनतें हैं की Breast कैंसर के क्या क्या Symptoms हैं।

Symptoms Of Breast Cancer

  1. स्तन में nipple के आस पास के क्षेत्र या Under arm क्षेत्र में बदलाव या गांढ का बनना ।
  2. स्तन की त्वचा के बनावट मे बदलाव होना या स्तन के त्वचा के छिद्रों का बड़ा होना ।
  3. स्तन मे गांढ बनना । याद रहे ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है जिसका ध्यान हर महिला को होना चाहिए । आप इसके लिए self examine practice भी कर सकतें हैं । सभी गांढ cancerous नहीं होते हैं परंतु सभी तरह के गांढ या Breast Lump का doctors से परीक्षण जरूरी है ।
  4. स्तन की आकृति में अप्रत्याशित बदलाव । खासकर एकतरफा बृद्धि ।
  5.  स्तन के त्वचा के रंग का अप्रत्याशित । खासकर नारंगी रंग मे । त्वचा का नारंगी के छिलके की भाति रंग और बनावट लगना ।
  6. स्तन का अप्रत्याशित संकुचित होना ।
  7. Nipple inverted या अंदर की तरफ चला जाना ।
  8. स्तन पान न होने पर भी nipple से तरल पदार्थ का बाहर आना ।
  9. स्तन और under arm क्षेत्र में लगातार दर्द होना वो भी खासकर बिना मासिक धर्म के
  10.  अप्रत्याशित रूप से शरीर का वजन घट जाना ।

इनमे से किसी भी चीज के होने अथवा शंका के होने पर आप अपने Doctors  से जरूर मिलें । याद रहे cancer का कोई इलाज नहीं है परंतु इसे जितनी जल्दी detect किया गया उतनी जल्दी रोका जा सकता है ।

आइये अब जनतें हैं की Breast Cancer के होने के क्या क्या कारण हो सकतें हैं ?

Reasons Of Breast Cancer

  1. Age : ऐसा देखा गया है की उम्र के साथ साथ Breast Cancer होने की संभावना काफी बढ़ जाती है । महिलाओं में 50 के बाद इसके होने की संभावना काफी अधिक होती है । पुरुषों मे भी Breast Cancer पाया गया है परंतु महिलाओं की तुलना मे 100 गुना कम है । 50 से ज्यादा उम्र की महिलाओं को self Breast examination करते रहना चाहिए या कम से कम साल मे एक बार doctors से चेकूप जरूर करना चाहिए । एक research मे पता चला है की हर 3 मे एक महिला breast cancer की शिकार हो रही है ।
  2. Family History: अगर आपके घर मे कोई Family History है तो इसकी संभवना 20 से 30 फीसदी तक बढ़ जाती है । अगर आपके किसी नजदीकी रिश्तेदार ( Blood relation ) को किसी दूसरे प्रकार का भी cancer हुआ है तो आपके लिए risk factor बढ़ जाता है ।
  3. Genetic disorder : Genetic disorder भी कैंसर के होने का एक बड़ा कारण है ।  BRCA1 and BRCA2 दो genes है  जो एक harmone release करतें हैं जिससे कैंसर से हमें बचाता है । इन jeans मे disorder होने के कारण भी Breast cancer का खतरा बढ़ जाता है ।
  4. Menstrual cycle : किसी भी महिला के Menturation cycle जल्दी शुरू होने (12 वर्ष से भी पहले ) या menopause लेट से होने (55 वर्ष के बाद ) की अवस्था में breast cancer की संभावना बढ़ जाती है ।
  5.  Alcohol use: Alcohol का सेवन करने वाली महिलाओं में Breast cancer का खतरा शराब न पीने वाली महिलाओं की अपेक्षा में ज्यादा होता है ।
  6.   Child birth/Late marriage  : वैसी महिला जो देर से माँ बनती हैं ( खासकर 30 के बाद ), उनकी अपेक्षा कम उम्र मे माँ बनने वाली महिलाओं या एक से अधिक बार माँ बनने वाली महिलाओं में breast cancer की संभावना काफी कम होती है । अधिक उम्र में  शादी करना और देर से माँ बनना  Breast cancer के खतरे को 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा देता है ।
  7.  Hormone replacement therapy (HRT): अगर आपने HRT लिया है वो भी estrogen के साथ ज्यादा सामी तक के लिए तो इससे भी Breast Cancer का खतरा बढ़ जाता है ।
  8.  Obesity: अर्थात मोटापा : मोटापा भी Breast cancer के लिए काफी ज़िम्मेवार होता है । वैसे विषय पर शोध चल रहा है लेकिन ऐसा कहा गया है की मोटापे के कारण शरीर मे estrogen की मात्र बढ़ जाती है जो की breast cancer के खतरे को बढ़ता है ।
  9. Radiation : अगर आपने बचपन में या कभी भी कोई radiation लिया  है चाहे वो chest cancer के treatment में ही क्यूँ नहीं , Breast cancer के होने की संभावना बढ़ा देता है । आपके कार्यक्षेत्र में भी अगर आप किसी radioactive radiation के संपर्क मे लगातार आ रहें है तो  breast cancer या किसी भी तरह के cancer के होने की संभावना काफी बढ़ जाती है ।

 Treatment & Diagnosis of  breast Cancer :

Breast cancer के diagnosis में  अलग अलग तरह के टेस्ट perform किए जाते हैं जैसे की Mammography , CT scan , Boon Scan , MRI ,Biopsy । इनसे cancer के टाइप , इसकी आक्रमकता और शरीर के विभिन्न अंगों तक इसके पहुँचने का पता चलता है । इन सबकी जानकारी लेने के बाद ही doctors treatment प्लान तैयार करते हैं ।

Breast cancer का treatment आम तौर पर इसके stage और grade को देख कर किया जाता है । Doctors generally 3 तरह के Treatment plan को अपनाते हैं जिनमे Surgery , Radiation, chemotherapy, या इनका combination शामिल है । treatment complete होने मे 3 से 12 महीने तक लग सकतें हैं । पोस्ट treatment Follow up भी जरूरी होता है जिसमे doctors patient का checkup 3 या 6 महीने मे एक बार तक करतें हैं । हर 1 साल के उपरांत tests perform किए जाते हैं जिससे cancer के दुबारा होने की संभावना पर नजर रखी जा सके ।

 

 

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